सोमवार, ३० एप्रिल, २०१२

संता काफी दिन बाद अपने गाँव गया !
 और मिटटी उठा कर बोला !!
"अब अपने गाँव की मिटटी की खुशबु वो नहीं रही जो पहली हुवा करती थी..."
 एक छोट बच्चा बगल में खेल रहा था !
 खेलते खेलते बोला - ओ पाजी, तुसी मिटटी नहीं टट्टी उठा ली है...!!!!

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